वामज के बारे में जानकारी

अहमदाबाद से लगभग ३५ कि.मी. और कलोल से ६ कि.मी. दूर वामज गाँव है। शेरीसा तीर्थ से १० कि.मी. की दूरी पर स्थित यह वामज तीर्थ शेरीसा के जुड़वा तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध है। इसलिए शेरीसा-वामज इस नाम से भी लोग कहते हैं। इस तीर्थ में मूलनायक पू.परमात्माश्री आदीश्वर भगवान है। यह प्राचीन प्रतिमा है। गाँव में त्रिभुवन कणबी के घर के पास खोदने पर संवत् १९७९ मार्गशीर्ष वदी ५ शनिवार के दिन यह प्रतिमा निकली थी।  यह प्रतिमा संप्रति महाराज के समय की मानी जाती है। इसके साथ चार कायोत्सर्ग, दो इन्द्राणी देवी की मूर्ति, दो खण्डित इन्द्र की मूर्ति भी मिली थी। कहा जाता है कि, पहले यहाँ भव्य जिनालय था, उस जिनालय के अंदर एक तलघर था उसका संबंध शेरीसातीर्थ के साथ था, परंतु मुगलों के आक्रमण के कारण अन्य तीर्थों का विनाश हुआ वैसे ही इस तीर्थ का विनाश भी हुआ और सबकुछ अस्त-व्यस्त हो गया है। पूर्व के जिनालय के कुछ अंश जैसे कि परिकर तथा मूर्ति के भाग वामज के एक मंदिर में रखे हैं।

वि.संवत् १९९६ (इस्वीसन् १९४०) वामज गाँव में सेठ श्री डाह्याभाई कपूरचंद झवेरी ने नवीन जिनालय के निर्माण करवाना प्रारम्भ किया था। उसके बाद इस तीर्थ का संचालन सेठ आणंदजी कल्याणजी पेढी को सौंपा गया था। नूतन जिनालय में वि. संवत् २००२ (इस्वीसन् १९४६) में वैशाख वदी १३ के दिन शासन सम्राट पूज्य आचार्य भगवंतश्री विजयनेमिसूरिजी महाराज साहब के शिष्यरत्नश्री पूज्य आचार्य भगवंतश्री विजय उदयसूरिजी महाराज साहब के हाथों प्रतिष्ठा की गई थी। यह तीर्थ शेरीसा से तथा कलोल से ६ कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

पता : सेठ आणंदजी कल्याणजी, वामज पीन-३८२७२१ (वाया कलोल)

संपर्क : सेठ आणंदजी कल्याणजी, मु.पो. शेरीसा – ३८२७२१ जि. गांधीनगर

फोन नं. ०२७६४-२५०१२६

सालगिरह

इस तीर्थ की जयंती वैशाख वदी के 13वें दिन मनाई जाती है।

अवसरों

अनुसूची

धर्मशासा तथा भोजनशासा

योजनाओं

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संपर्क

सेठ आनंदजी कल्याणजी,

मू. पो. शेरिसा- पिन- 382721 जिला। गांधीनगर

फोन नंबर- 02764 250126